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देश में छटनी ग्रस्त पत्रकारों के रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो:- शास्त्री

[ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन]

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री जी ने  कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ ख़ास कर छटनी ग्रस्त पीड़ित पत्रकारों व प्रेस कर्मियों को केंद्र व् राज्य सरकारो द्वारा तिरष्कृत किया जा रहा है। उल्लेखनीय श्रम रोज़गार गारन्टी व सुरक्षा के मौजूदा क़ानून को देश मे मीडिया कर्मी/ पत्रकारो के लिये आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा हेतु अनुपालन कतई नही की जा रही  है।

कोरोना काल मे मठाधीशो ने सैंकड़ो पत्रकारो को बिना सैलरी  दिए ही बाहर कर दिया है। गुहार लगाने पर उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। 
 सारे मीडिया संस्थान ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफ़ारिशो का घोर उल्लंघन कर रहें हैं। पत्रकारों को न तो कोई नियुक्ति पत्र दी जाती है और न ही नौकरी की कोई गारंटी दी जाती हैं। यहां तक की अपनी मर्ज़ी नौकरी से निकाल दिया जाता है इन शोषित पीड़ित पत्रकारो/ श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा हेतु सरकारो द्वारा कोई सुध नहीं ली जा रही हैं।
करोना महाकाल के मद्देनजर पीड़ित पत्रकार अपनी रोजगार न्याय सुरक्षा हेतु न्यायालय में अपनी व्यथा की अर्जी भी नहीं दे पा रहे है और यह में साजिशकर्ताओं का खुल्लम खुल्ला शिकार हो रहे हैं।

इस गंभीर समस्या को दृष्टिगत रखते हुए ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा देशभर के छटनी ग्रस्त मीडिया कर्मी/पत्रकारों के व्याप्त संकट के संबंध में महामहिम राष्ट्रपति, मा. प्रधानमंत्री, श्रममंत्री एवं देश के सभी राज्यो के मुख्यमंत्रीओ को इस संकट के निवारण हेतु जल्द ही ज्ञापन/प्रार्थना पत्र भेजा जाएगा।

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देश में छटनी ग्रस्त पत्रकारों के रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो:- शास्त्री

[ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन]

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री जी ने  कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ ख़ास कर छटनी ग्रस्त पीड़ित पत्रकारों व प्रेस कर्मियों को केंद्र व् राज्य सरकारो द्वारा तिरष्कृत किया जा रहा है। उल्लेखनीय श्रम रोज़गार गारन्टी व सुरक्षा के मौजूदा क़ानून को देश मे मीडिया कर्मी/ पत्रकारो के लिये आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा हेतु अनुपालन कतई नही की जा रही  है।

कोरोना काल मे मठाधीशो ने सैंकड़ो पत्रकारो को बिना सैलरी  दिए ही बाहर कर दिया है। गुहार लगाने पर उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। 
 सारे मीडिया संस्थान ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफ़ारिशो का घोर उल्लंघन कर रहें हैं। पत्रकारों को न तो कोई नियुक्ति पत्र दी जाती है और न ही नौकरी की कोई गारंटी दी जाती हैं। यहां तक की अपनी मर्ज़ी नौकरी से निकाल दिया जाता है इन शोषित पीड़ित पत्रकारो/ श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा हेतु सरकारो द्वारा कोई सुध नहीं ली जा रही हैं।
करोना महाकाल के मद्देनजर पीड़ित पत्रकार अपनी रोजगार न्याय सुरक्षा हेतु न्यायालय में अपनी व्यथा की अर्जी भी नहीं दे पा रहे है और यह में साजिशकर्ताओं का खुल्लम खुल्ला शिकार हो रहे हैं।

इस गंभीर समस्या को दृष्टिगत रखते हुए ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा देशभर के छटनी ग्रस्त मीडिया कर्मी/पत्रकारों के व्याप्त संकट के संबंध में महामहिम राष्ट्रपति, मा. प्रधानमंत्री, श्रममंत्री एवं देश के सभी राज्यो के मुख्यमंत्रीओ को इस संकट के निवारण हेतु जल्द ही ज्ञापन/प्रार्थना पत्र भेजा जाएगा।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं :-शास्त्री

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री जी ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने दबाने फसाने की कोशिश की जा रही है वो देश प्रदेश के लिए ठीक ही नहीं है बल्कि दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है, शास्त्री जी ने कहा कि भारत एक विशाल लोकतंत्र वाला देश है, जहां सबको अभिव्यक्ति की आजादी है, इसके बावजूद मीडिया की स्वतंत्रता एवं लोकतंत्र का चौथा स्तंभ सुरक्षित नहीं है। संविधान की भावना को बाधित करने का कोई भी प्रयास खेद जनक है। हाल ही में पश्चिम बंगाल सहित कुछ प्रदेशों में पत्रकारों के साथ जिस प्रकार से दुर्भावना से ग्रसित होकर जो बर्ताव किया वह अत्यंत निंदनीय है।

साथ ही श्री शास्त्री जी ने मुंबई पुलिस एवं कोलकाता पुलिस का भी जिक्र करते हुए कहा कि जिस प्रकार से छोटी-छोटी बातों को लेकर, देश के सम्मानित पत्रकारों को बुलाकर एवं उन्हें घंटो घंटा बैठाकर पूछताछ किया गया यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी तरह से उत्तर प्रदेश के भी कुछ अधिकारी अपनी गड़बड़ी छिपाने के लिए पत्रकारों पर फर्जी ढंग से मुकदमे दर्ज करवाकर सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। 

शास्त्री जी ने कहा कि जिस प्रकार से वहां की सरकारों द्वारा बार-बार मीडिया को धमकी दी जा रही है और पत्रकारों को परेशान किया जा रहा है यह अनुचित है,  वर्तमान घटना पश्चिम बंगाल में मीडिया स्वतंत्रता के लिए खतरा का एक स्पष्ट उदाहरण है संपादको एवं पत्रकारों को परेशान करना और उन्हें डराना प्रेस स्वतंत्रता का स्पष्ट उल्लंघन है I 

एसोसिएशन के अध्यक्ष की ओर से वहां के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं महामहिम राज्यपाल महोदय से आग्रह करते हुए कहा गया है कि इस तरह की घटनाओं का स्वयं संज्ञान लेकर गलत हो रहे कार्यों पर रोक लगाएं, ताकि पत्रकारों को बिना किसी खतरे और दबाव के काम करने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।

शास्त्री जी ने कहा कि देश के कुछ प्रदेशों में प्रेस की स्वतंत्रता को बाधित करने का प्रयास देश के पत्रकारों को स्वीकार्य नहीं है, देश के उन प्रदेशों की सरकारों को इस तरह के मीडिया विरोधी मानसिकता से परहेज करना चाहिए और मीडिया को राष्ट्रहित में बिना किसी जोर दबाव के अपने कार्य को करने देना चाहिए।

पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे को वापस ले सरकार:- शास्त्री

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को पत्र भेजकर कहा कि कुछ अधिकारी सरकार की छवि खराब करने की कर रहे हैं कोशिश।

शास्त्री जी ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को पत्र भेजकर पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन की ओर से बताया गया है कि प्रदेश में विभिन्न जिलों के अधिकारी अपनी गड़बड़ी छिपाने के लिए पत्रकारों पर फर्जी ढंग से मुकदमे दर्ज करवाकर सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। 

शास्त्री जी ने अपने पत्र में लिखा है कि कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस बल, प्रशासन, सफाईकर्मी एवं अन्य सरकारी विभागों के कर्मियों की तरह ही पत्रकार भी बखूबी अपना कर्तव्य निभा रहे हैं एवं  महामारी से बचने के उपायों की जानकारी अपने चैनल व अखबारों के माध्यम से दे रहे हैं।

साथ ही श्री शास्त्री जी ने यह भी कहा कि मीडियाकर्मी अपने दायित्वो का निर्वहन करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को सरकार तक एवं सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जनता तक एवं जनता की समस्याओं को सरकार व अधिकारियों तक पहुंचाते हैं  जिससे समय पर कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि जब कुछ जिलों में अधिकारियों द्वारा की गई लापरवाही उजागर होने लगी तब वहीं अधिकारी अपनी कमी छुपाने के लिए पत्रकारों पर  बदले की भावना से कार्रवाई करने लगे। उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मियों को समाचार लिखने या दिखाने पर मुकदमा दर्ज किए जा रहे हैं। यह बहुत ही दुखद एवं निंदनीय है।

श्री शास्त्री जी ने कुछ जिलों के पत्रकारों पर दर्ज हुये मुकदमो का भी जिक्र करते हुए बताया की सीतापुर के पत्रकार रविंद्र सक्सेना पर महोली तहसील में होम क्वारंटाइन किए गए लोगों को प्रशासन द्वारा दुर्गंध व फफूंदीयुक्त चावल देने का समाचार जारी करने पर मुकदमा दर्ज किया गया। कानपुर में होमगार्ड के जवानों की समस्याओं की खबर प्रकाशित करने पर मीडिया ब्रेक’ वेबसाइट के संपादक आशीष अवस्थी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, फतेहपुर में अजय भदौरिया ने ट्वीट किया था कि विजयपुर का सामुदायिक रसोईघर बंद हो गया है जिसपर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसी तरह प्रदेश के कई और जिलों में पत्रकारों पर फर्जी ढंग से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं जो चौथे स्तंभ को दबाने की एक बहुत बड़ी साजिश है।

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से लॉकडाउन के दौरान गाजियाबाद और नोएडा समेत कई स्थानों पर मीडियाकर्मियों के साथ हुई बदसलूकी की तरफ भी मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकर्षित कराते हुए सारे फर्जी मुकदमों को खत्म करने की मांग किया गया है।

देश में शीघ्र बने पत्रकार सुरक्षा कानून:- शास्त्री

[मीडिया काउंसिल एवं मीडिया कमीशन बनाए सरकार]

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री जी ने पत्रकारों के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग उठाई शास्त्री जी ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एसोसिएशन लंबे समय से मांग उठाता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मियों की सुरक्षा के लिए
जर्नलिस्ट्स प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग को देशभर मे दौरा करके और तेज किया जाएगा और साथ ही देश भर में मीडियाकर्मियों की सुरक्षा आदि के लिए मीडिया काउंसिल व मीडिया कमीशन का गठन की मांग को लेकर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही भारत सरकार को ज्ञापन सौपेगा।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसोसिएशन के देश व प्रदेश एवं जिलों के पदाधिकारी अपने-अपने जनपदों में हर जनप्रतिनिधियों से पत्रकार सुरक्षा कानून और काउंसिल व कमीशन के गठन की मांग को लेकर भारत सरकार को पत्र लिखवाकर सबको एक साथ ज्ञापन के रूप में सौंपा जाएगा। एसोसिएशन पत्रकारों के विभिन्न समस्याओं को लेकर जरिए रजिस्ट्री आदि के माध्यम से सरकार से मांग करता चला आ रहा है।
साथ ही श्री शास्त्री जी ने कहा है कि पत्रकारों पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बहुत ही निंदनीय है और चौथे स्तंभ को कमजोर करने की बहुत बड़ी साजिश है।

कोरोना के दौरान पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों का संज्ञान ले P.C.I. :- शास्त्री



ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री ने कहा है कि जिस प्रकार से P.C.I. चेयरमैन न्यायमूर्ति सी.के. प्रसाद जी द्वारा पत्रकार अर्नव गोस्वामी एवं संपादक आशीष अवस्थी आदि के मामलों में स्वतः संज्ञान लिया गया उसी प्रकार से पत्रकार अजय सिंह भदौरिया, (फतेहपुर) एवं विनोद शुक्ला (प्रयागराज) सहित कोरोना महामारी के दौरान देश में कवरेज कर रहे पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों का भी संज्ञान ले, नहीं तो चौथे स्तंभ की गरिमा को बहुत ही बड़ा ठेस पहुंचेगा।

 देश के कुछ हिस्सों में कोरोना महामारी से जुड़ी खबरों की कवरेज को लेकर कई पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज करने, उनको झूठे मामलों में फंसाने और पुलिस प्रशासन द्वारा धमकाने के बढ़ते मामलों पर आल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आचार्य श्रीकांत शास्त्री ने प्रधानमंत्री और प्रेस कांउसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को पत्र लिखा है, उन्होंने अपने पत्र में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड तथा महाराष्ट्र एवं देश के अन्य प्रदेशों में कुछ पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किये गये मामलों को बेबुनियाद और झूठा करार देते हुए कहा है कि शासन-प्रशासन की यह कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता पर कुठाराघात है, यह पत्रकारों को निष्पक्ष और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को लिखने और दिखाने से डराने के लिए किया गया है। उन्होंने प्रेस कांउसिल से इन मामलों की जांच करवाने एवं पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने की मांग की है।

कोरोना महामारी के दौरान पत्रकारों के ऊपर दर्ज मुकदमे वापस ले सरकार:- शास्त्री

[*पत्रकारों को कोरोना वारियर्स एवं 50 लाख का बीमा कवर की घोषणा करे सरकार*]

"आँल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन" के अध्यक्ष आचार्य श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि हमने केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार को पत्रकारों के लिए 50 लाख का बीमा एवं पत्रकारों को कोरोना वारियर्स मानने के लिए पत्र लिखा था , लेकिन यह मांग आज तक अधूरी है। आज भी पत्रकार अपनी जान को जोखिम में डालकर जनता की समस्याओं को सरकार तक एवं सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचा रहे हैं और साथ ही सच्चे मन से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। और लोगों को इस वैश्विक महामारी के प्रति जागरूक कर रहे हैं। लेकिन उनका भविष्य व उनके परिवार की सुरक्षा की चिंता किसी को नहीं है। बहुत से पत्रकार कोरोना महामारी के शिकार हो चुके हैं लेकिन फिर भी पत्रकार अपने दायित्व का निर्वहन बखूबी कर रहे हैं  इसके बावजूद अभी तक देश के पत्रकारों को कोरोना वारियर्स नहीं माना गया और न ही उनका पचास लाख का बीमा किया गया , जो कि देश के पत्रकारों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। शास्त्री जी ने कहा कि कोविड -19 के दौरान देश के पत्रकारों द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों पर सकारात्मक रिपोर्टिंग की जा रही है लेकिन फिर भी सरकार का रवैया पत्रकारों के प्रति नकारात्मक सा है और यहां तक पत्रकारों पर ही छोटी छोटी बातों पर मुकदमे दर्ज किए गए। जो चिंतनीय एवं निंदनीय है।

हर हाल में देश के समस्त पत्रकारों को कोरोना योद्धा माने सरकार:- शास्त्री

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आचार्य श्रीकांत शास्त्री जी ने कहा है कि देश मे कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन चल रहा है । जिसकी वजह से मीडिया जगत का एक बड़ा वर्ग गंभीर आर्थिक संकट झेल रहा है, फिर भी देश के समस्त पत्रकार दिन रात मीडिया से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां निभाने में लगे है। हम सरकार से लगातार मीडियाकर्मियों को भी कोरोना वारियर्स मानने व उन्हें बीमा कवर देने की मांग कर रहे है। लेकिन खेद है कि अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया जबकि देश के प्रधानमंत्री महोदय एवं देश के समस्त प्रदेश सरकारे भी इस महामारी के दौर में मीडिया की प्रशंसा तो कर रहे है, लेकिन पत्रकारों को वारियर्स होने का घोषणा नहीं कर रहे हैं यहां तक कि हाल ही में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत ने पत्रकारों को कोरोना वारियर्स माना है। हम उनके आभारी है। देश के समस्त पत्रकार साथी इस महामारी में रिपोर्टिंग कार्यो के अलावा सेवा कार्यो में भी लगे है। कई साथी तो कोरोना वायरस की काफी अच्छी रिपोर्टिंग कर रहे है। ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन देश के समस्त पत्रकारों को कोरोना वारियर्स मानती है और एसोसिएशन द्वारा देश के पत्रकारों को कोरोना योद्धा मानपत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।
सरकार से मेरी मांग है की अन्य कोरोना वारियर्स की तरह पत्रकारों को भी वारियर्स की श्रेणी में रखा जाए।

देश के समस्त पत्रकारों को भी कोरोना वारियर्स माने सरकार :- शास्त्री

ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आचार्य श्रीकांत शास्त्री जी ने कहा है कि देश मे कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन चल रहा है । जिसकी वजह से मीडिया जगत का एक बड़ा वर्ग गंभीर आर्थिक संकट झेल रहा है, फिर भी देश के समस्त पत्रकार दिन रात मीडिया से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां निभाने में लगे है। हम सरकार से लगातार मीडियाकर्मियों को भी कोरोना वारियर्स मानने व उन्हें बीमा कवर देने की मांग कर रहे है। लेकिन खेद है कि अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया जबकि देश के प्रधानमंत्री महोदय एवं देश के समस्त प्रदेश सरकारे भी इस महामारी के दौर में मीडिया की प्रशंसा तो कर रहे है, लेकिन पत्रकारों को वारियर्स होने का घोषणा नहीं कर रहे हैं यहां तक कि हाल ही में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत ने पत्रकारों को कोरोना वारियर्स माना है। हम उनके आभारी है। देश के समस्त पत्रकार साथी इस महामारी में रिपोर्टिंग कार्यो के अलावा सेवा कार्यो में भी लगे है। कई साथी तो कोरोना वायरस की काफी अच्छी रिपोर्टिंग कर रहे है। ऑल इंडिया प्रेस रिपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन देश के समस्त पत्रकारों को कोरोना वारियर्स मानती है और एसोसिएशन द्वारा देश के पत्रकारों को कोरोना योद्धा मानपत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।
सरकार से मेरी मांग है की अन्य कोरोना वारियर्स की तरह पत्रकारों को भी वारियर्स की श्रेणी में रखा जाए।

सहयोगी दलों के सहयोग से एनडीए तीसरी बार भी अपनी नैया पार लगाने की फिराक मे।

  आचार्य श्रीकान्त शास्त्री, वरिष्ठ पत्रकार  देश में आम चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मियां बड़ने लगी है और हर पार्टिया ‌अपनी ...